Шукра нити 45

अन्वयः–येन नक्षत्रग्रहगमनैः संहिताभिः होराभिः गणितैः कालः विधीयते, तत् हि ज्योतिषम् ॥ ४५ ॥
व्याख्या—-येन = प्रन्थेन, नक्षत्राणाम् = तारासमूहाणाम् ग्रहाणाम् = मङ्गलादिग्रहाणाम्, गमनैः= चलनैः, संहिताभिः= धर्मसंहिताभिः, होराभिः = राश्याद्यैः, गणितैश्च, कालः– समयः, विधीयते = निर्णीयते, तत् हि = तदेव हि, ज्योतिषम् = वेदाङ्गस्वरूपं ज्योतिषशास्त्रम्,
कथ्यते ॥ ४५ ॥

हिन्दी—जिससे नक्षत्रों और ग्रहों की गति द्वारा समय निर्धारित किया जाता है और जिसके संहिता, होरा तथा गणित – ये तीन स्कन्द है, उसे ज्योतिष कहते हैं ॥ ४५ ॥

नक्षत्रेति। येन नक्षत्राणां ग्रहाणाञ्च गमनैः संहिताभि: होराभिः गणितैश्च कालः विधीयते पृथक् पृथक् निर्दिश्यते, तत् हि तदेव ज्योतिषम् ॥ ४५ ॥

Та в которой определяется время движения созвездий и планет и чьи самхита, хора (час) и ганит(вычисления) – эти три сканды, называется астрологией (Джйотиш).

Джйотиш — веданга о астрологии и астрономии для определения подходящего времени для проведения различных ритуалов.

Шукра нити 45
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